रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, निगम-मंडलों में नई भर्तियों पर लगी रोक; अब केवल तय नियमों से ही होंगी नियुक्तियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के निगमों, मंडलों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियुक्तियों को लेकर एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में किसी भी संस्थान में बिना औपचारिक भर्ती नियमों के नई नियुक्तियां नहीं की जा सकेंगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नई भर्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

अनियमितताओं पर लगाम की तैयारी

सरकार के संज्ञान में यह आया था कि कई निगमों और संस्थाओं में बिना किसी ठोस नियम या प्रक्रिया के नियुक्तियां की जा रही थीं। इसे प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए प्रशासन ने अब 'नियम आधारित भर्ती प्रक्रिया' अनिवार्य कर दी है:

  • पारदर्शिता पर जोर: सरकार का मानना है कि स्पष्ट नियमों के बिना होने वाली भर्तियां निष्पक्ष नहीं हो सकतीं।

  • आरक्षण का पालन: नए निर्देशों के तहत भर्ती नियमों में राज्य शासन की आरक्षण नीति का पूर्णतः पालन करना अनिवार्य होगा।

इन संस्थानों पर पड़ेगा सीधा असर

यह नया आदेश उन सभी संस्थानों पर लागू होगा जहाँ राज्य सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत या उससे अधिक है। इसमें शामिल हैं:

  1. समस्त निगम और मंडल।

  2. स्वायत्तशासी संस्थाएं और वैधानिक प्राधिकरण।

  3. प्रदेश के विश्वविद्यालय और सहकारी संस्थाएं।

  4. राज्य सहायता प्राप्त संस्थान।

  • नोट: संविधान के अनुच्छेद 30 के अंतर्गत आने वाले अल्पसंख्यक संस्थानों को इस दायरे से बाहर रखा गया है।

लागू होंगे सिविल सेवा आचरण नियम

प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है। अब इन संस्थानों के कर्मचारियों पर भी छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 प्रभावी होंगे। इससे कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।

विभागों को 'आदर्श भर्ती नियम' बनाने की जिम्मेदारी

संबंधित प्रशासकीय विभागों को अपने अधीन आने वाले निगमों और मंडलों के लिए जल्द से जल्द “आदर्श भर्ती नियम” तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • जवाबदेही: यदि तय समय में नियम नहीं बनते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

  • स्वतंत्रता: अब विभागों को नियमों की व्याख्या के लिए सामान्य प्रशासन विभाग पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी, हालांकि नियमों की एक प्रति GAD को भेजना अनिवार्य होगा।